मोदी सरकार ने धोखाधड़ी पर करारा प्रहार करते हुए देशभर में एक बड़े सफाई अभियान के तहत 2.5 करोड़ से अधिक आधार कार्डों को स्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया है। यह कदम UIDAI द्वारा उठाया गया है, जिससे पहचान पत्र व्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रयास किया गया। लाखों लोग अब चिंतित हैं कि कहीं उनका आधार भी इस लिस्ट में तो शामिल न हो गया हो। सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और दैनिक सेवाओं के लिए आधार अनिवार्य होने से यह खबर पूरे देश में हड़कंप मचा रही है।

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सरकार कर रही जरुरी काम!
यह अभियान मृत व्यक्तियों के आधार नंबरों को लक्षित करता है, जिनका इस्तेमाल फर्जी पेंशन, सब्सिडी और अन्य लाभों के लिए किया जा रहा था। केंद्रीय आईटी मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि देश में अब लगभग 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक बचे हैं। मृत्यु के बाद आधार को अपडेट न करने से साइबर ठगी और वित्तीय हेराफेरी बढ़ रही थी, जिसे रोकने के लिए यह फैसला लिया गया। सरकार का उद्देश्य आधार डेटाबेस को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाना है, ताकि असली लाभार्थी ही सरकारी सुविधाओं का फायदा उठा सकें।
लोगों में फैली घबराहट
सोशल मीडिया पर #AadhaarBlacklist जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, और लोग अपने आधार की स्थिति जांचने के लिए UIDAI की वेबसाइट पर उमड़ पड़े हैं। बैंक खाते लॉक होने, राशन कार्ड लिंकिंग में समस्या और डिजिटल भुगतान रुकने की आशंका से आम आदमी परेशान है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि यह कदम केवल मृतकों के कार्डों पर केंद्रित था, लेकिन जागरूकता की कमी से अफवाहें फैल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां डिजिटल साक्षरता कम है, वहां तो हड़कंप और भी ज्यादा मचा हुआ है। परिवारों को सलाह दी जा रही है कि मृत रिश्तेदारों का आधार तुरंत डीएक्टिवेट करवाएं।
अपना आधार स्टेटस कैसे चेक करें?
घर बैठे आसानी से स्थिति पता लगाने के लिए myaadhaar.uidai.gov.in पर जाएं। अपना 12 अंकीय आधार नंबर और कैप्चा डालकर ‘Verify Aadhaar’ विकल्प चुनें। रजिस्टर्ड मोबाइल पर आने वाले OTP से वेरिफाई करें, तो पता चलेगा कि आपका आधार सक्रिय है, लॉक्ड है या निष्क्रिय। यदि गलती से डीएक्टिवेट दिखे, तो नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर मृत्यु प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज लेकर अपील करें। सरकार ने साफ कहा है कि वैध आधार सुरक्षित हैं, लेकिन नियमित अपडेट जरूरी है। बायोमेट्रिक डेटा, पता और मोबाइल नंबर चेक कर लें।
भविष्य की उम्मीदें और सलाह
यह अभियान आधार को दुनिया के सबसे बड़े बायोमेट्रिक सिस्टम के रूप में और मजबूत बनाएगा। सरकारी खजाने की बचत होगी और फर्जी लाभ रुकेंगे। आगे मृत्यु रजिस्ट्रेशन को आधार से सीधे लिंक करने की योजना है, ताकि स्वचालित डीएक्टिवेशन हो सके। नागरिकों से अपील है कि जागरूक रहें, अपडेट रखें और धोखाधड़ी की शिकार न हों। आधार आपकी पहचान है, इसे सुरक्षित रखें। यह बदलाव डिजिटल इंडिया को नई गति देगा।















