Join Youtube

Mega Rail Journey: भारत की वो जादुई ट्रेन जो छूती है 12 राज्यों की सीमा! 80 घंटे का सफर और 4000+ KM की दूरी; नाम जानते हैं आप?

80 घंटे का लंबा सफर, हजारों किलोमीटर का रोमांच और देश की विविधता एक ही यात्रा में। जानिए कौन सी ट्रेन पूरे भारत को जोड़ती है और क्यों इसे ‘चलती-फिरती भारत दर्शन’ कहा जाता है।

Published On:
Mega Rail Journey: भारत की वो जादुई ट्रेन जो छूती है 12 राज्यों की सीमा! 80 घंटे का सफर और 4000+ KM की दूरी; नाम जानते हैं आप?
Mega Rail Journey: भारत की वो जादुई ट्रेन जो छूती है 12 राज्यों की सीमा! 80 घंटे का सफर और 4000+ KM की दूरी; नाम जानते हैं आप?

भारतीय रेलवे को अक्सर देश की जीवनरेखा कहा जाता है। इसकी वजह सिर्फ पटरियों का विशाल नेटवर्क नहीं, बल्कि वे ट्रेनें हैं जो हजारों किलोमीटर तक देश को जोड़ती हैं। ऐसी ही एक ऐतिहासिक और असाधारण ट्रेन है हिमसागर एक्सप्रेस, जो उत्तर और दक्षिण भारत को एक ही सफर में जोड़ देती है। भारतीय रेलवे को अक्सर देश की जीवनरेखा कहा जाता है। इसकी वजह सिर्फ पटरियों का विशाल नेटवर्क नहीं, बल्कि वे ट्रेनें हैं जो हजारों किलोमीटर तक देश को जोड़ती हैं। ऐसी ही एक ऐतिहासिक और असाधारण ट्रेन है हिमसागर एक्सप्रेस, जो उत्तर और दक्षिण भारत को एक ही सफर में जोड़ देती है।

कन्याकुमारी से कटराकर लगभग 3,800 किलोमीटर सफर

हिमसागर एक्सप्रेस (16317/16318) तमिलनाडु के कन्याकुमारी, जो भारत का दक्षिणी सिरा माना जाता है, से चलकर जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक जाती है। यह ट्रेन लगभग 3,790 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इसे पूरा करने में औसतन 73 से 75 घंटे का समय लगता है। यानी यात्री इस ट्रेन में तीन दिन और तीन रातें बिताते हैं। भारतीय रेलवे की नियमित सेवाओं में यह यात्रा अवधि और दूरी दोनों के लिहाज़ से शीर्ष श्रेणी में आती है।

12 राज्यों को छूती एक ही रेल यात्रा

हिमसागर एक्सप्रेस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अपने रूट पर भारत के लगभग 12 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों से होकर गुजरती है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • तमिलनाडु
  • केरल
  • आंध्र प्रदेश
  • तेलंगाना
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • जम्मू-कश्मीर

करीब 70 से अधिक स्टेशनों पर रुकते हुए यह ट्रेन दक्षिण भारत के समुद्री इलाकों से निकलकर मध्य भारत के पठारों, उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों और अंत में पहाड़ी इलाकों तक पहुंचती है।

चलता-फिरता भारत

इस ट्रेन में सफर करते हुए यात्री एक ही यात्रा में कई भारत देख लेते हैं।
भाषा बदलती है- तमिल, मलयालम, तेलुगु से हिंदी और पंजाबी तक।
खानपान बदलता है- इडली-सांभर से लेकर पूड़ी-सब्ज़ी और राजमा-चावल तक।
यह विविधता हिमसागर एक्सप्रेस को सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि चलता-फिरता भारत बना देती है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इतनी लंबी दूरी पर इतनी विविध भौगोलिक परिस्थितियों से गुजरना ऑपरेशनल रूप से भी एक बड़ी चुनौती होती है।

सबसे लंबी नहीं, लेकिन सबसे व्यापक

हालांकि दूरी के लिहाज़ से भारत की सबसे लंबी ट्रेन विवेक एक्सप्रेस मानी जाती है, लेकिन राज्यों की संख्या और उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी के मामले में हिमसागर एक्सप्रेस का स्थान बेहद खास है। यह ट्रेन उन लाखों यात्रियों के लिए जीवनरेखा है, जो काम, पढ़ाई, तीर्थ यात्रा या पारिवारिक कारणों से एक सिरे से दूसरे सिरे तक सफर करते हैं।

यह भी पढें: Railway Heights: बादलों के बीच है भारत का ये रेलवे स्टेशन! जानें कहाँ है देश का सबसे ऊँचा ‘स्टेशन मास्टर’ ऑफिस।

यात्रा जो धैर्य भी मांगती है

तीन दिन लंबा रेल सफर हर किसी के लिए आसान नहीं होता। सीमित गति, लंबे ठहराव और मौसम में बदलाव यात्रियों की सहनशक्ति की परीक्षा लेते हैं। लेकिन नियमित यात्रियों का कहना है कि जो लोग इस सफर को एक अनुभव की तरह लेते हैं, उनके लिए हिमसागर एक्सप्रेस जिंदगी की यादगार यात्राओं में शामिल हो जाती है।

तेज़ रफ्तार दौर में एक ठहराव

आज बुलेट ट्रेन और हवाई सफर के दौर में हिमसागर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें यह याद दिलाती हैं कि रेलवे सिर्फ तेज़ी नहीं, बल्कि जुड़ाव का माध्यम भी है। यह ट्रेन समय के साथ दौड़ने की बजाय, भारत को महसूस करने का मौका देती है।

एक ट्रेन, जो देश को जोड़ती है

हिमसागर एक्सप्रेस महज़ पटरियों पर चलने वाली मशीन नहीं है। यह उत्तर और दक्षिण, समुद्र और पहाड़, और भाषाओं व संस्कृतियों को एक धागे में पिरोती है। यही वजह है कि इसे भारतीय रेलवे की सबसे अनोखी और व्यापक रेल यात्राओं में गिना जाता है।

Mega Rail Journey
Author
info@divcomkonkan.in

Leave a Comment

संबंधित समाचार

🔥 वायरल विडिओ देखें