
देश की पहली को-ऑपरेटिव कैब सर्विस ‘भारत टैक्सी’ की धमाकेदार शुरुआत हो गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी को विज्ञान भवन में इसका आधिकारिक लॉन्च किया। सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव लिमिटेड (जून 2025 रजिस्टर्ड) का यह जीरो-कमीशन मॉडल ड्राइवरों को मालिक बनाता है। दिल्ली-NCR और गुजरात से शुरू, 3 साल में कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैलेगी। 3 लाख+ ड्राइवर, 1 लाख+ यूजर्स, रोज 10,000+ राइड्स- ये को-ऑपरेटिव क्रांति है।
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‘सारथी ही मालिक’ का नया दौर
पुरानी प्राइवेट ऐप्स (उबर, ओला) 25-30% कमीशन काटती हैं, लेकिन भारत टैक्सी में ड्राइवरों को फुल फेयर। प्रॉफिट सीधे ‘सारथी’ की जेब में। सॉफ्ट लॉन्च नवंबर 2025 में दिल्ली एयरपोर्ट पर सफल रहा, अब पूर्ण रूप से लाइव। कार, ऑटो, टू-व्हीलर (बाइक दीदी के लिए महिला ड्राइवर) बुकिंग उपलब्ध। किराया 30% सस्ता, नो सर्ज प्राइसिंग- पीक आवर्स में भी फिक्स्ड रेट। Google Play/Apple Store से ऐप डाउनलोड करें।
अमित शाह ने कहा, “ये ड्राइवरों की समृद्धि का माध्यम बनेगा। विदेशी ऐप्स के एकाधिकार को तोड़ते हुए सहकारिता से रोजगार सृजन होगा।” 8 प्रमुख को-ऑपरेटिव्स का बैकिंग, 9 MoU साइन: डिजिटल पेमेंट, GPS सेफ्टी। CEO विवेक पांड्या: “विश्व की सबसे बड़ी ड्राइवर-ओन्ड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म।”
ड्राइवरों-यात्रियों के लाभ
ड्राइवरों को 5 लाख तक हेल्थ/एक्सीडेंट इंश्योरेंस, रिटायरमेंट सेविंग्स। ट्रांसपेरेंट प्राइसिंग से विश्वास। महिलाओं के लिए ‘बाइक दीदी’ स्कीम – सुरक्षित राइड्स। यात्रियों को किफायती, सुरक्षित विकल्प। दिल्ली में पहले दिन 5,000+ राइड्स, ₹10 करोड़ ड्राइवरों को वितरित।
| विशेषता | भारत टैक्सी | उबर/ओला |
|---|---|---|
| कमीशन | जीरो | 25-30% |
| सर्ज प्राइसिंग | नहीं | हां |
| किराया | 30% सस्ता | महंगा |
| इंश्योरेंस | 5 लाख तक | सीमित |
| विस्तार | 3 साल में देशव्यापी | पहले से मौजूद |
रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
ड्राइवर: ऐप डाउनलोड > KYC (आधार, लाइसेंस) > को-ऑपरेटिव मेंबरशिप > वेरिफिकेशन (7 दिन)। महिला ड्राइवरों को प्राथमिकता, ट्रेनिंग फ्री। यात्री: ऐप इंस्टॉल > OTP > लोकेशन शेयर। EV व्हीकल्स पर सब्सिडी, ग्रीन मोबिलिटी फोकस।
सहकारिता की जीत
भारत टैक्सी लाखों ड्राइवरों को सशक्त बनाएगी, प्राइवेट एकाधिकार तोड़ेगी। गुजरात मॉडल सफल, अब राष्ट्रीय स्तर। एक्सपर्ट्स: “ड्राइवर इकोनॉमी को नया आयाम।” पहले हफ्ते 50,000 ड्राइवर रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य। सहकारिता मंत्रालय का दमदार कदम- यात्रा अब सशक्त होगी!















