2026 से IITs के दरवाजे ओलंपियाड चैंपियंस, खेल सितारों और कला प्रतिभाओं के लिए खुल गए हैं। अब JEE Advanced की कठिन परीक्षा दिए बिना भी देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में एंट्री संभव हो गई है। IIT Kharagpur ने SCOPE और SEA जैसी नई नीतियां लॉन्च की हैं, जो IIT मद्रास, कानपुर और बॉम्बे जैसे अन्य संस्थानों की तर्ज पर हैं। यह बदलाव JEE के एकाधिकार को तोड़ते हुए छिपी प्रतिभाओं को मौका देगा। लाखों छात्रों के सपनों का नया रास्ता तैयार है।

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नई नीति का आधार
IIT Kharagpur के डायरेक्टर सुमन चक्रवर्ती के नेतृत्व में सीनेट ने 2026 सत्र से अतिरिक्त सीटें मंजूर की हैं। ये supernumerary seats JEE Advanced के सामान्य कोटे को प्रभावित नहीं करेंगी। IIT मद्रास SCOPE, SEA और FACE चला रहा है, जबकि कानपुर BS तथा BTech कोर्सेस में ओलंपियाड स्कोर पर सीधा एडमिशन देता है। बॉम्बे INMO रूट अपनाता है। कुल 6-7 IITs इस दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। इससे संस्थानों में विविधता आएगी और वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी।
ओलंपियाड विजेताओं के लिए योग्यता
अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड्स जैसे IMO मैथ्स, IPhO फिजिक्स, IChO केमिस्ट्री, IBO बायोलॉजी या IOI इनफॉर्मेटिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले छात्र योग्य हैं। राष्ट्रीय स्तर पर OCSC या IMOTC ट्रेनिंग कैंप में शामिल होने वाले भी पात्र। पिछले चार सालों की उपलब्धियां मान्य होंगी, बशर्ते छात्र कक्षा 12 पास हो। विभागवार मेरिट लिस्ट बनेगी, जिसमें लिखित परीक्षा या इंटरव्यू शामिल हो सकता है। JEE रैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंप्यूटर साइंस, मैथ्स जैसे विभागों में सीधी एंट्री का सुनहरा मौका है।
खेल और कला क्षेत्रों के नियम
SEA कोटे में ओलंपिक, एशियन गेम्स, राष्ट्रमंडल खेल, खेलो इंडिया, सीनियर नेशनल्स या फेडरेशन कप के मेडल विजेता आवेदन कर सकेंगे। FACE रूट कला-संगीत के लिए है। सभी कोटे अतिरिक्त हैं। पूर्व IIT छात्र या JoSAA से एडमिट हो चुके उम्मीदवार अयोग्य रहेंगे। केवल भारतीय नागरिक, OCI तथा PIO ही आवेदन कर पाएंगे। यह नीति खेल-कूद और सांस्कृतिक क्षेत्रों की उपेक्षित प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ेगी।
आवेदन कैसे करें?
JoSAA के साथ-साथ IITs की आधिकारिक वेबसाइट्स पर मार्च-अप्रैल 2026 में आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। दस्तावेज सत्यापन और मेरिट के आधार पर चयन होगा। सीटें सीमित होने से जल्द तैयारी जरूरी। IIT Kharagpur जल्द विस्तृत गाइडलाइंस जारी करेगा। छात्रों को अपनी उपलब्धियों के प्रमाण-पत्र संभालकर रखने चाहिए।
यह क्रांतिकारी कदम JEE पर पूरी तरह निर्भर छात्रों के लिए चुनौती तो है, लेकिन ओलंपियाड जैसे क्षेत्रों में जूझ रहे टैलेंट को IITs तक पहुंचाएगा। शिक्षा व्यवस्था में समावेशिता बढ़ेगी और भारत वैश्विक नवाचार में अग्रणी बनेगा। अभिभावक-छात्र अब विकल्प तलाशें।















