स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बड़ा अलर्ट है। अगर आपके बचत खाते में मिनिमम एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) नहीं है, तो हर महीने 5 से 15 रुपये तक का जुर्माना कट सकता है। यह राशि साल भर में 180 रुपये तक पहुंच जाती है। 31 जनवरी 2026 से लागू हुए सख्त नए नियमों ने लाखों खाताधारकों को परेशान कर दिया है। क्या आप भी अनजाने में पैसे गंवा रहे हैं?

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नए नियम क्या कहते हैं?
SBI ने अपनी ब्रांचों के स्थान के आधार पर मिनिमम बैलेंस की राशि तय की है। मेट्रो और शहरी क्षेत्रों की ब्रांचों में 3,000 रुपये, अर्ध-शहरी इलाकों में 2,000 रुपये और ग्रामीण ब्रांचों में 1,000 रुपये का एवरेज मंथली बैलेंस रखना जरूरी है। कुछ जगहों पर यह राशि 5,000 रुपये तक हो सकती है। अगर आप यह बैलेंस नहीं बनाए रखते, तो शॉर्टफॉल की राशि पर 6 प्रतिशत पेनल्टी लगती है या अधिकतम 500 रुपये तक कटौती हो सकती है।
ये नियम बचत खाते वालों पर लागू होते हैं। हालांकि, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA), प्रधानमंत्री जन धन योजना के खाते और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से जुड़े खातों पर कोई मिनिमम बैलेंस जरूरी नहीं है। बैंक ने ऑटोमेटेड सिस्टम लगा दिया है, जो हर महीने बैलेंस चेक करता है। अब कोई ढील नहीं मिलती। YONO ऐप या पासबुक से आप खुद चेक कर सकते हैं।
जुर्माना कैसे लगता है?
मान लीजिए, आपकी मेट्रो ब्रांच में 3,000 रुपये का AMB जरूरी है, लेकिन औसत बैलेंस 2,000 रुपये रह गया। तो 1,000 रुपये के शॉर्टफॉल पर 6 प्रतिशत यानी 60 रुपये पेनल्टी कटेगी। ग्रामीण इलाकों में यह 100 रुपये प्लस 6 प्रतिशत तक हो सकता है। ज्यादातर मामलों में मासिक कटौती 5 से 15 रुपये ही होती है, लेकिन यह छोटी-छोटी रकम सालाना बोझ बन जाती है। सैलरी कमाने वाले और पेंशनभोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बैंक का कहना है कि यह लिक्विडिटी मैनेजमेंट और फाइनेंशियल डिसिप्लिन के लिए जरूरी कदम है।
पेनल्टी से कैसे बचें?
सबसे आसान तरीका है जीरो बैलेंस वाला खाता चुनना। BSBDA या जन धन खाता खोल लें। YONO ऐप से यह काम तुरंत हो जाता है। अगर मौजूदा खाता है, तो नियमित रूप से AMB चेक करें। थोड़ा अतिरिक्त बफर अमाउंट रखें ताकि उतार-चढ़ाव में दिक्कत न हो।
सैलरी या पेंशन अकाउंट में कन्वर्ट करवाएं, जहां मिनिमम बैलेंस की छूट मिलती है। पास की ब्रांच जाकर अपडेट लें या SBI हेल्पलाइन 1800-11-2211 पर कॉल करें। ऑनलाइन पासबुक और SMS अलर्ट चालू रखें।
ये बदलाव ग्राहकों को जागरूक बनाएंगे। छोटी सी लापरवाही से बचें, वरना खाते से पैसे कटते रहेंगे। स्मार्ट बैंकिंग से आपका पैसा सुरक्षित रहेगा।















