रोम शहर के बीचोंबीच बसा वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा स्वतंत्र देश है। इसका क्षेत्रफल महज 0.44 वर्ग किलोमीटर है और स्थायी आबादी 800 से भी कम। फिर भी इसकी आध्यात्मिक ताकत वैश्विक पटल पर छाई रहती है। दुनिया भर के 1.3 अरब कैथोलिक अनुयायी इसके पोप के एक इशारे पर नजरें टिकाए रहते हैं। एक अनुभवी रिपोर्टर की नजर से यह छोटा सा राष्ट्र आकार से कहीं ज्यादा प्रभावशाली साबित होता है।

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वेटिकन सिटी का इतिहास और स्थापना
वेटिकन सिटी की नींव 1929 में लेटरन संधि से पड़ी। इस संधि के जरिए इटली ने पोप को यह छोटा क्षेत्र स्वतंत्र राष्ट्र का दर्जा दिया। रोम के इस केंद्रीय हिस्से में संत पतरस बेसिलिका जैसे पवित्र स्थल स्थित हैं। संयुक्त राष्ट्र में पर्यवेक्षक सदस्य के रूप में यह वैश्विक शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाता है। सीमित संसाधनों के बावजूद वेटिकन का प्रभाव धार्मिक और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर गहरा है।
स्विस गार्ड, पोप की अटल ढाल
वेटिकन की सेना का नाम पोंटिफिकल स्विस गार्ड है। इसमें लगभग 110 से 135 प्रशिक्षित सैनिक तैनात रहते हैं। 1506 में पोप जूलियस द्वितीय ने इसे स्थापित किया था। स्विस भाड़े के सैनिकों की बहादुरी की वजह से यह दुनिया की सबसे पुरानी सक्रिय सेना मानी जाती है। चयन प्रक्रिया बेहद कठिन होती है। केवल 19 से 30 साल के अविवाहित स्विस कैथोलिक युवा ही आवेदन कर सकते हैं। इनकी न्यूनतम ऊंचाई 5 फीट 8.5 इंच होनी चाहिए और पूर्व सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य है। रंग-बिरंगी पारंपरिक वर्दी और हेलबर्ड जैसे हथियारों से सजे ये गार्ड पोप तथा अपोस्टोलिक पैलेस की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। शहर की सामान्य कानून व्यवस्था जेंडरमेरी संभालती है।
अपनी करेंसी, यूरो के विशेष सिक्के
वेटिकन की आधिकारिक मुद्रा यूरो है। हालांकि यह अपने यूरो सिक्के खुद मिंट करता है। इन सिक्कों पर मौजूदा पोप की छवि उकेरी जाती है। 1929 से पहले यहां वेटिकन लिरा प्रचलित थी जो इटली के लिरा से जुड़ी हुई थी। 2002 में यूरो अपनाने के बाद भी इसके सिक्के संग्राहकों में बेहद लोकप्रिय हैं। ये सिक्के इटली और सैन मैरिनो में भी मान्य होते हैं। इससे वेटिकन की आर्थिक स्वायत्तता का पता चलता है।
अन्य रोचक तथ्य और वैश्विक भूमिका
वेटिकन के पास अपना डाक विभाग, रेडियो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, पासपोर्ट व्यवस्था और हेलीपैड है। एयरपोर्ट की कमी के बावजूद यह आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां की आबादी मुख्य रूप से पादरी, नन और कर्मचारी हैं। कई लोग इटली में ही निवास करते हैं। लेटरन संधि ने इसे इटली से पूर्ण स्वतंत्रता दिलाई। आज यह छोटा राष्ट्र साबित करता है कि सच्ची शक्ति आकार या संख्या में नहीं बल्कि ऐतिहासिक विरासत और वैश्विक प्रभाव में निहित होती है। वेटिकन सिटी आध्यात्मिक केंद्र के रूप में सदियों से मानवता को दिशा दिखाता रहा है।















