भारतीय सर्राफा बाजार में सोने का दबदबा खत्म हो गया है। लगातार तीसरे दिन जबरदस्त गिरावट के बाद आज 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया। यह हालिया रिकॉर्ड ऊंचाई 1,83,000 रुपये से करीब 20 प्रतिशत नीचे है। चांदी भी बुरी तरह टूटी, जो 2.65 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई।

बजट 2026 के ऐलान के बाद वैश्विक बाजारों में मुनाफावसूली ने घरेलू रेट्स को झकझोर दिया। MCX पर सोने के फ्यूचर्स 6-9 प्रतिशत तक लुढ़क गए, जबकि चांदी में 40,000 रुपये से ज्यादा की कमी दर्ज हुई। जनवरी महीने में सोना 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर चुका, जो कुल 26 प्रतिशत की चोट है। चांदी तो 35 प्रतिशत नीचे आ चुकी। मजबूत अमेरिकी डॉलर, ऊंचे ट्रेजरी यील्ड और भू-राजनीतिक तनाव कम होने से सेफ-हेवन खरीदारी गायब हो गई। कमजोर रुपया गिरावट को कुछ हद तक रोका, वरना नुकसान और गहरा होता।
Table of Contents
प्रमुख शहरों में आज के 24K सोने के रेट (प्रति 10 ग्राम)
| शहर | भाव (₹) | बदलाव |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,51,200 | -3,500 |
| मुंबई | 1,50,800 | -3,200 |
| कोलकाता | 1,51,000 | -3,400 |
| चेन्नई | 1,51,500 | -3,100 |
| बैंगलोर | 1,50,900 | -3,300 |
ये भाव सुबह 6 बजे के आसपास के हैं। 22 कैरेट सोना 1.39 लाख से 1.40 लाख रुपये के दायरे में है। ज्वेलर्स जैसे तनिष्क और मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स में भी 22K पर प्रति ग्राम 600 रुपये से ज्यादा की गिरावट। स्थानीय मेकिंग चार्ज अलग से लगेंगे। गोल्ड ETF में 15-16 प्रतिशत की कमी देखी गई।
बाजार में धमाल मचा दिया!
बजट से पहले सोना 1.83 लाख और चांदी 4.04 लाख तक चमक चुकी थी। आयात शुल्क पर कयासों ने उम्मीदें बढ़ाईं, लेकिन मुनाफाखोरों ने बाजार को धोबी का हाथ दे दिया। कॉमेक्स पर गोल्ड 7-9 प्रतिशत नीचे, अप्रैल डिलीवरी 4,962 डॉलर प्रति औंस। MCX गोल्ड अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 1,43,205 रुपये, सिल्वर मार्च 2,74,410 रुपये प्रति किलो। सपोर्ट लेवल 1.37 लाख से 1.44 लाख के बीच बने हुए। ज्वेलरी ट्रेडर्स परेशान हैं, क्योंकि यह क्रैश बिक्री को प्रभावित कर रहा।
यह भी पढ़ें- बिहार के लिए खुशखबरी! मिली 4 नई रेल लाइनों की सौगात; इन रूटों पर काम हुआ शुरू, बदल जाएगी प्रदेश की तस्वीर।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शॉर्ट टर्म में 1.37 लाख तक और गिरावट हो सकती है। लॉन्ग टर्म में सोना सुरक्षित निवेश बना रहेगा। अक्षय तृतीया या शादी के सीजन से पहले ज्वेलर्स के डील्स चेक करें। सपोर्ट लेवल पर खरीदारी से फायदा हो सकता। ऑनलाइन ट्रैकर्स या स्थानीय सर्राफा से ताजा रेट लें। चांदी में ज्यादा सतर्क रहें, क्योंकि इसमें उतार-चढ़ाव तेज।
यह गिरावट ज्वेलरी खरीदारों के लिए सुनहरा मौका ला रही। किसान, छोटे निवेशक और गृहिणियां अब सस्ते दामों पर सोना जमा कर सकती हैं। बाजार की नजर अब सप्ताहांत पर है, जहां रिकवरी के संकेत मिल सकते हैं। ज्वेलर्स का कहना है कि मांग बढ़ेगी, क्योंकि सस्ता सोना आकर्षित कर रहा। कुल मिलाकर, यह अस्थिरता निवेश को रोमांचक बना रही।















