
UIDAI ने भारत में नए Aadhaar App का फुल वर्जन आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है, जिसे iPhone और Android दोनों यूजर्स के लिए जारी किया गया है। यह ऐप पुराने mAadhaar की जगह ले रहा है और अब आधार से जुड़ी ज्यादातर जरूरी सुविधाएं सीधे आपके मोबाइल पर उपलब्ध करा रहा है।
सरकार का मकसद है कि आम नागरिक को आधार कार्ड के लिए बार‑बार केंद्र के चक्कर न लगाने पड़ें और पहचान से जुड़े काम ज्यादा सुरक्षित, आसान और पूरी तरह डिजिटल तरीके से हो सकें। नया ऐप इसी “मोबाइल फर्स्ट” सोच के साथ डिजाइन किया गया है, ताकि गांव से लेकर शहर तक स्मार्टफोन यूजर सीधे अपने फोन से ही अपना आधार मैनेज कर सके।
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ज्यादातर सेवाएं अब एक ही ऐप में
UIDAI के अनुसार नया Aadhaar App उसकी Mobile First रणनीति का हिस्सा है, यानी पहले मोबाइल, बाद में बाकी प्लेटफॉर्म की सोच पर इसे तैयार किया गया है। यह ऐप नवंबर 2025 में सीमित फीचर्स के साथ पेश हुआ था, लेकिन अब फुल वर्जन में आधार से जुड़ी लगभग सभी प्रमुख सर्विस एक ही जगह मिल रही हैं। इंटरफेस को इस तरह बनाया गया है कि पहली बार इस्तेमाल करने वाला यूजर भी आसानी से नेविगेट कर सके, बड़ी बटन, साफ मेन्यू और हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं का सपोर्ट इसे और यूजर‑फ्रेंडली बना देता है।
घर बैठे मोबाइल नंबर और पता अपडेट
नए Aadhaar App की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आधार से लिंक मोबाइल नंबर और एड्रेस अपडेट करने की प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। होम पेज के नीचे दिए गए खास टैब से यूजर सीधे “मोबाइल नंबर अपडेट” और “एड्रेस अपडेट” जैसे विकल्प तक पहुंच सकता है, बीच में ज्यादा मेन्यू घुमाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके साथ ही Profile सेक्शन में एक ही अकाउंट के तहत परिवार के पांच सदस्यों तक का Aadhaar जोड़ने की सुविधा दी गई है, यानी एक स्मार्टफोन से पूरे परिवार का आधार देखा, दिखाया और कुछ मामलों में अपडेट भी किया जा सकता है।
पहचान के लिए पूरा आधार नंबर नहीं
नई ऐप की सबसे अहम यूजर‑फ्रेंडली और प्राइवेसी केंद्रित सुविधाओं में से एक है ऑफलाइन Aadhaar वेरिफिकेशन और Selective Share फीचर। अब पहचान साबित करने के लिए हर जगह पूरा आधार नंबर या पूरा डिजिटल कार्ड दिखाने की मजबूरी नहीं रहेगी। यूजर ऐप में दिए गए Selective Share ऑप्शन से चुन सकता है कि सामने वाले के साथ सिर्फ नाम, फोटो, उम्र, पता या मोबाइल नंबर में से कौन सी जानकारी शेयर करनी है।
इसके साथ ही ऐप एक सिक्योर QR कोड भी जेनरेट करता है, जिसे अधिकृत टर्मिनल पर स्कैन करके पहचान तुरंत वेरिफाई की जा सकती है। इस तरह, होटल, ऑफिस, हॉस्टल या किसी सर्विस सेंटर पर लंबी KYC प्रक्रिया के बजाय तेज और सीमित डेटा शेयरिंग वाला वेरिफिकेशन संभव हो जाता है, और प्राइवेसी पर कंट्रोल यूजर के हाथ में रहता है।
13 भाषाएं और ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री से बढ़ी सुरक्षा
सुरक्षा के मोर्चे पर UIDAI ने नए Aadhaar App में बायोमेट्रिक लॉक का फीचर जोड़ा है, जिसके जरिए यूजर अपने फिंगरप्रिंट, फेस और आईरिस डेटा को लॉक कर सकता है। लॉक एक्टिव होने पर कोई भी आपकी बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल कर के आधार ऑथेंटिकेशन नहीं कर पाएगा, जब तक आप खुद ऐप से इसे अनलॉक न करें। जरूरत पड़ने पर यूजर इस लॉक को अस्थायी रूप से हटा भी सकता है, ताकि जरूरी काम न रुके।
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए ऐप में पिछले आधार ऑथेंटिकेशन का रिकॉर्ड देखने की सुविधा भी दी गई है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कब और कहां आपका आधार इस्तेमाल हुआ। साथ ही यह ऐप 13 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे गांव‑कस्बों और गैर‑अंग्रेजी यूजर्स के लिए भी इसका इस्तेमाल आसान हो जाता है। कुल मिलाकर, नया Aadhaar App आम लोगों के लिए कम झंझट, ज्यादा सुरक्षा और तेज डिजिटल सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।















