
भाइयों-बहनों, कल्पना कीजिए कि आपकी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा अब PF में जाएगा और रिटायरमेंट के बाद पेंशन भी दोगुनी-तिगुनी हो जाए! केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य PF योगदान की वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देश के बाद यह प्रस्ताव हाई लेवल पर विचाराधीन है और अगले महीने EPFO की सेंट्रल बोर्ड मीटिंग में रखा जा सकता है। अगर अप्रैल 2026 से लागू हुआ, तो यह 12 साल पुरानी सीमा को अपडेट करेगा, जब महंगाई और औसत सैलरी आसमान छू चुकी है।
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वेतन सीमा बढ़ने का मतलब क्या है?
सिंपल बात है यार, अभी सिर्फ 15,000 रुपये तक के बेसिक सैलरी वालों के लिए PF अनिवार्य है – कर्मचारी 12% और कंपनी भी 12% योगदान देती है। लेकिन अब 25,000 तक के सैलरी वालों को इसमें शामिल किया जाएगा, जिससे 15,000 से ऊपर कमाने वाले लाखों लोग PF के फायदे उठा सकेंगे। महंगाई ने सब कुछ महंगा कर दिया है, 15,000 की लिमिट तो अब हंसी का पात्र बन चुकी है – इसलिए सरकार इसे रियलिटी से मैच करने को तैयार है।
पेंशन और PF फंड में जबरदस्त इजाफा
सबसे बड़ा फायदा तो पेंशन पर पड़ेगा दोस्तों! EPS की गणना अभी 15,000 की कैप पर होती है, लेकिन नई सीमा से हर महीने ज्यादा रकम जमा होगी, जिसका मतलब रिटायरमेंट के बाद मोटी मंथली पेंशन। PF का कुल कोर्पस भी तेजी से बढ़ेगा, क्योंकि सैलरी के बड़े चंके पर कटौती होगी, लंबे समय में आपकी जेब भरेगी। EPFO के पास पहले से 7 करोड़ एक्टिव मेंबर्स हैं, यह बदलाव इसे और मजबूत बनाएगा।
इन-हैंड सैलरी पर थोड़ा असर
हां, सच कहूं तो जेब थोड़ी हल्की महसूस होगी क्योंकि 12% कटौती अब ज्यादा सैलरी पर होगी। लेकिन चिंता मत करो, कंपनी भी डबल योगदान देगी, जो आपकी सेविंग को बूस्ट करेगी। विशेषज्ञ कहते हैं कि शॉर्ट टर्म लॉस, लेकिन लॉन्ग टर्म गेन कमाल का है।
कंपनियों पर बोझ, सरकार सतर्क
कंपनियों को भी ज्यादा PF देना पड़ेगा, खासकर MSME पर असर पड़ सकता है। इसलिए सरकार सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर रही है ताकि बैलेंस बना रहे। लेबर कोड्स के नए नियम भी इसमें मदद करेंगे।
इतिहास दोहराने को तैयार
2014 में 6,500 से 15,000 किया गया था, अब 12 साल बाद यह कदम सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा। हाई लेवल कमेटियां पहले ही सिफारिश कर चुकी हैं, वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है। यह बदलाव न सिर्फ PF बल्कि पूरे रिटायरमेंट सिस्टम को नया जीवन देगा।















