Join Youtube

UP New Expressway: पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए 131 गांवों की भूमि का होगा अधिग्रहण! बिजनौर से शुरू हुई प्रक्रिया, देखें पूरी लिस्ट।

पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का बिजनौर में निर्माण शुरू! 131 गांवों (बिजनौर-6, नजीबाबाद-50, नगीना-38, धामपुर-37) से गुजरेगा 55 किमी लंबा हाईवे। 2729 करोड़ बजट, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज। बैनामा पर रोक, डीएम ने दिए निर्देश। सफर आसान, व्यापार बूम—विकास की नई लहर!

Published On:
UP New Expressway: पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए 131 गांवों की भूमि का होगा अधिग्रहण! बिजनौर से शुरू हुई प्रक्रिया, देखें पूरी लिस्ट।

क्या आपने कभी सोचा है कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा को जोड़ने वाला ये नया एक्सप्रेसवे हमारी जिंदगी को कितना आसान बना देगा? पानीपत से गोरखपुर तक फैलने वाला ये हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे अब धीरे-धीरे हकीकत बन रहा है। खासकर बिजनौर जिले में इसका फेज-वन शुरू हो चुका है, जहां शामली-पुवायां के बीच का हिस्सा बनेगा। यहां चार तहसीलों से गुजरते हुए करीब 131 गांवों की जमीन पर ये बनना है। सोचिए, सफर का समय कम होगा, ट्रैफिक जाम अलविदा, और व्यापार-उद्योग को नई उड़ान मिलेगी। चलिए, इसकी पूरी कहानी समझते हैं, जैसे कोई दोस्त बता रहा हो।

एक्सप्रेसवे का रूट

देखिए, ये एक्सप्रेसवे मुजफ्फरनगर से बिजनौर में दाखिल होगा और धामपुर तहसील से मुरादाबाद की ओर निकलेगा। बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना और धामपुर—ये चारों तहसीलें इसकी राह में हैं। कुल लंबाई यहां करीब 55 किलोमीटर होगी। डिजाइन के मुताबिक, बिजनौर तहसील के 6 गांव, नजीबाबाद के 50, नगीना के 38 और धामपुर के 37 गांवों से होकर गुजरेगा।

यानी कुल 131 गांव प्रभावित होंगे। डीएम साहब ने इन गांवों की लिस्ट तैयार करवा ली है और अधिकारियों को साफ निर्देश दे दिए हैं कि प्रक्रिया पूरी करके जल्द अधिग्रहण शुरू करें। ये सब सुनकर लगता है ना, विकास की रफ्तार तेज हो रही है!

2729 करोड़ से बनेगा हाई-स्पीड कॉरिडोर

अब बात करते हैं पैसे की। इस 55 किमी हिस्से पर करीब 2,729 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रदेश सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी थी, और अब काम शुरू हो गया है। ये एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होगा, यानी टोल बूथ, सर्विस लेन सब कुछ होगा। तेज गाड़ियां दौड़ेंगी, बिना रुकावट। लेकिन सबसे पहले जमीन का इंतजाम जरूरी है। संबंधित विभागों को आदेश हैं कि सर्वे पूरा करें, नोटिफिकेशन जारी करें। एक बार अधिग्रहण हो गया, तो मशीनें आ जाएंगी और काम तेजी से चलेगा। हम जैसे आम लोग खुश होंगे, क्योंकि दिल्ली-गोरखपुर का सफर कुछ ही घंटों में हो जाएगा।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया

अब सबसे अहम बात जमीन का अधिग्रहण। सरकार ने साफ कह दिया है कि इन 131 गांवों में एक्सप्रेसवे रूट वाली जमीन पर कोई बैनामा, म्यूटेशन या लैंड यूज चेंज नहीं होगा। ये रोक तब तक रहेगी, जब तक अधिग्रहण पूरा न हो जाए। तहसील के एसडीएम और सब-रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर रोक लगा दी गई है। क्यों? क्योंकि अगर कोई बैनामा हो गया, तो प्रक्रिया उलझ जाएगी। किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा, जैसा कानून कहता है। डीएम ने मीटिंग में कहा कि पारदर्शिता रखें, कोई देरी न करें। सोचिए, ये कदम कितना जरूरी है विकास के लिए!

स्थानीय लोगों को फायदा

ये एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि जिले की किस्मत बदलने वाला है। बिजनौर के इन गांवों में रोजगार बढ़ेगा निर्माण में मजदूरी, उसके बाद ढाबे, पेट्रोल पंप, होटल। व्यापारियों को गोरखपुर, पानीपत तक माल जल्द पहुंचेगा। किसान अपनी फसलें तेजी से बाजार भेज सकेंगे। हां, कुछ लोगों को जमीन देने का दर्द होगा, लेकिन मुआवजे से नई जिंदगी शुरू करेंगे। सरकार को चाहिए कि प्रभावित परिवारों को स्किल ट्रेनिंग, नौकरियां दें। कुल मिलाकर, ये विकास का सुनहरा मौका है।

तेजी से पूरा हो प्रोजेक्ट

अंत में कहूं तो, पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे बिजनौर के लिए वरदान साबित होगा। 131 गांव, 55 किमी, 2729 करोड़ सब कुछ तय है। बस, अधिकारी प्रक्रिया पूरी करें और काम शुरू हो। हम सबको सपोर्ट करना चाहिए। अगर देरी हुई, तो फायदा लेट हो जाएगा। उम्मीद है, जल्द ही हम इस हाईवे पर दौड़ते नजर आएंगे। क्या ख्याल है आपका? ये एक्सप्रेसवे कब तक तैयार होगा?

Author
info@divcomkonkan.in

Leave a Comment

संबंधित समाचार

🔥 वायरल विडिओ देखें