CBSE बोर्ड के छात्रों के लिए एक बड़ा अपडेट आ गया है। अब परीक्षा हॉल में घुसने के लिए APAAR ID अनिवार्य हो गई है। यह डिजिटल कार्ड छात्रों की शैक्षणिक यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाएगा। जल्दी से इसे जेनरेट कर लें, वरना परीक्षा में दिक्कत हो सकती है।

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APAAR ID का नया नियम
सीबीएसई ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक सख्त फैसला लिया है। हर छात्र को APAAR ID दिखानी होगी, तभी एग्जाम हॉल का गेट खुलेगा। यह 12-अंकीय यूनिक नंबर छात्र की पूरी पढ़ाई का डिजिटल रिकॉर्ड रखेगा। क्लास 9 से 12 तक की सारी जानकारी इसी में स्टोर होगी, जैसे मार्कशीट, सर्टिफिकेट और अटेंडेंस। इसका मकसद पेपर लीक या फर्जीवाड़े को रोकना है। छात्रों को स्कूल रजिस्ट्रेशन के समय ही इसे लिंक करना पड़ेगा। बिना इसके एडमिट कार्ड भी काम नहीं आएगा।
छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?
यह बदलाव लाखों छात्रों की जिंदगी बदलेगा। पहले एग्जाम सेंटर पर सिर्फ एडमिट कार्ड चेक होता था, अब APAAR ID से वेरिफिकेशन होगा। अगर ID नहीं बनी, तो घंटों इंतजार के बाद भी अंदर नहीं घुस पाएंगे। प्राइवेट कैंडिडेट्स के लिए भी यही नियम लागू है। स्कूल वाले भी परेशान होंगे, क्योंकि उन्हें सभी बच्चों का डेटा UDISE+ पोर्टल पर अपलोड करना होगा। लेकिन फायदा यह है कि ग्रेजुएशन या जॉब के लिए डॉक्यूमेंट्स ढूंढने की टेंशन खत्म। सब कुछ मोबाइल पर उपलब्ध रहेगा।
APAAR ID कैसे प्राप्त करें?
सबसे आसान तरीका DigiLocker है। ऐप डाउनलोड करें या digilocker.gov.in पर लॉगिन करें। आधार कार्ड, नाम, जन्मतिथि और फोटो डालें। मोबाइल पर OTP आएगा, वेरीफाई करें और ID तैयार। 2 मिनट का काम है। अगर स्कूल से लिंक है, तो वे खुद जेनरेट कर देंगे। समस्या हो तो हेल्पलाइन 1800-11-8004 पर कॉल करें। ध्यान रखें, नाम और जन्मतिथि में कोई गलती न हो, वरना दोबारा बनानी पड़ेगी। प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए CBSE पोर्टल पर अलग से अप्लाई करें।
स्कूलों की जिम्मेदारी बढ़ी
टीचर्स और प्रिंसिपल्स को अब हर बच्चे का APAAR ID चेक करना होगा। LoC (लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) सबमिट करते समय इसे अनिवार्य रूप से जोड़ें। CBSE ने सर्कुलर जारी किया है, जिसमें 2026 एग्जाम से यह नियम सख्ती से लागू होगा। डुप्लीकेट एंट्रीज खत्म होंगी, डेटा सेफ रहेगा। NEP 2020 के तहत डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। स्कूलों को ट्रेनिंग सेशन भी आयोजित करने पड़ेंगे।
फायदे जो बदल देंगे पढ़ाई का स्वरूप
APAAR ID से छात्रों को QR कोड स्कैन करके इंस्टेंट डॉक्यूमेंट्स मिलेंगे। जॉब इंटरव्यू या कॉलेज एडमिशन में फिजिकल पेपर की जरूरत नहीं। ट्रांसफर होने पर भी रिकॉर्ड्स ट्रैक रहेंगे। सरकार का कहना है कि इससे 1 करोड़ से ज्यादा छात्र जुड़ेंगे। AI टूल्स से वेरिफिकेशन तेज होगा। भविष्य में यह PAN कार्ड जैसा जरूरी दस्तावेज बन जाएगा। लेकिन प्राइवेसी का ध्यान रखें, पासवर्ड शेयर न करें।
तैयारी के टिप्स
परीक्षा से 2 महीने पहले ID बना लें। स्कूल से कन्फर्म करें कि लिंक हो गया है। DigiLocker में रेगुलर चेक करें। अगर आधार लिंक नहीं है, तो पहले UIDAI साइट पर अपडेट कराएं। ग्रुप चैट्स में दोस्तों को भी याद दिलाएं। CBSE ऐप डाउनलोड करके नोटिफिकेशन्स ऑन रखें। देरी न करें, वरना लास्ट मिनट हड़बड़ी होगी।
यह नया सिस्टम छात्रों को डिजिटल दुनिया से जोड़ेगा। पुरानी परेशानियां खत्म, नई सुविधाएं शुरू। अभी ऐक्शन लें और एग्जाम की चिंता मुक्त करें।















