
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही था- क्या 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर हो चुके पेंशनर्स को नई बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलेगा? इस सस्पेंस को वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार, 9 फरवरी 2026 को राज्यसभा में एमपी आनंद भदौरिया के सवाल के जवाब में पूरी तरह दूर कर दिया। उन्होंने न सिर्फ पेंशन रिवीजन की प्रक्रिया स्पष्ट की, बल्कि फाइनेंस बिल 2025 के दायरे और 8वें CPC की मौजूदा स्थिति पर भी विस्तृत अपडेट दिया।
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फाइनेंस बिल 2025 ने पेंशन नियमों में नहीं किया कोई बदलाव
एमपी आनंद भदौरिया ने पूछा कि क्या फाइनेंस बिल 2025 केंद्र सरकार को पेंशनभोगियों के बीच उनकी रिटायरमेंट तारीख के आधार पर भेदभाव करने और वेतन आयोग की सिफारिशों को चुनिंदा रूप से लागू करने का अधिकार देता है? जवाब में चौधरी ने साफ कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की पेंशन मुख्य रूप से सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) नियम 2021 और सेंट्रल सिविल सर्विसेज (एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन) नियम 2023 से नियंत्रित होती है। पेंशन में संशोधन हमेशा सामान्य आदेशों के जरिए होते हैं, न कि फाइनेंस बिल से सीधे।
फाइनेंस एक्ट 2025 के पार्ट-IV ने मौजूदा पेंशन नियमों और भारत के कंसोलिडेटेड फंड से पेंशन देनदारियों को पूरा करने वाले सिद्धांतों को ही मान्यता दी है। यह किसी मौजूदा सिविल या डिफेंस पेंशन में कोई बदलाव नहीं लाता। यानी रिटायरमेंट की तारीख कोई बहाना नहीं बनेगा – 8वें CPC की सिफारिशें लागू होने पर सभी योग्य पेंशनर्स को लाभ मिलेगा, चाहे वे कब रिटायर हुए हों।
31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर लोगों को भी फायदा
सबसे अहम सवाल पर मंत्री ने कहा कि पेंशन में बदलाव वैधानिक नियमों और पे कमीशन की स्वीकृत सिफारिशों के बाद जारी सामान्य आदेशों से ही होते हैं। इसका मतलब साफ है – 8वें CPC की रिपोर्ट आने और सरकार द्वारा स्वीकार करने पर सभी मौजूदा पेंशनर्स (pre-2026 retirees सहित) को रिवाइज्ड पेंशन मिलेगी। यह 7वें CPC की तरह ही होगा, जब पुराने पेंशनर्स को भी फिटमेंट बेनिफिट मिला था।
चौधरी ने जोर देकर कहा कि सेंट्रल पे कमीशन एक विशेषज्ञ निकाय है, जो कर्मचारियों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए वेतनमान, भत्ते और पेंशन की सिफारिशें करता है- लेकिन इनका लागू होना सरकार के सामान्य आदेशों पर निर्भर करता है, न कि किसी बिल पर।
8वां वेतन आयोग ने शुरू किया काम
चौधरी ने खुलासा किया कि सरकार ने 3 नवंबर 2025 के प्रस्ताव से 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन और उसकी कार्य शर्तें (Terms of Reference) नोटिफाई कर दी हैं। आयोग अपने गठन के 18 महीनों के भीतर सिफारिशें सौंपेगा, यानी संभावित रूप से मई 2027 तक। महत्वपूर्ण बात – आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है और MyGov पोर्टल पर स्ट्रक्चर्ड प्रश्नावली के जरिए स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। यह वेतन, पेंशन और भत्तों की समीक्षा में जनता की राय को शामिल करने का ऐतिहासिक कदम है।
लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की नजरें इसी आयोग पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि फिटमेंट फैक्टर 2.2 से 2.8 के बीच हो सकता है, जिससे सैलरी-पेंशन में 30-34% तक बढ़ोतरी संभव है। हालांकि, अंतिम फैसला बजट और राजकोषीय स्थिति पर निर्भर करेगा।
पेंशनर्स के लिए क्या मतलब?
- कोई भेदभाव नहीं: रिटायरमेंट डेट कुकुरैट नहीं होगी; सभी को समान लाभ।
- DA/DR रीसेट: नई बेसिक पेंशन पर महंगाई राहत दोबारा शुरू।
- एरियर की उम्मीद: अगर लागू होने में देरी हुई, तो बैक पेमेंट संभव।
वित्त मंत्रालय के इस स्पष्टीकरण से पेंशनभोगी समुदाय में राहत की लहर है। अब सवाल यह है कि आयोग की सिफारिशें कितनी उदार होंगी। कर्मचारी संगठनों ने MyGov पर सक्रिय होकर अपनी बात रखनी शुरू कर दी है। फिलहाल, पेंशनर्स को सलाह है कि अपनी PPO डिटेल्स अपडेट रखें – बड़ा ऐलान बस आने ही वाला है।















