केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के चेहरों पर मुस्कान आ गई है। महंगाई भत्ते में होने वाली नई बढ़ोतरी से सैलरी में तुरंत इजाफा होगा, वह भी तब जब 8वें वेतन आयोग की रूपरेखा तेजी से बन रही है। आने वाले दिनों में लाखों लोगों की मासिक आय बढ़ेगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।

Table of Contents
DA में कितनी बढ़ोतरी होगी
महंगाई भत्ता हर छह महीने में महंगाई के आंकड़ों के आधार पर तय होता है। अभी यह 58 प्रतिशत चल रहा है, लेकिन नए आंकड़ों से यह 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसका मतलब बेसिक पे पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत का लाभ।
मान लीजिए एक ग्रुप डी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18000 रुपये है। मौजूदा डीए से उसका कुल वेतन करीब 28440 रुपये बनता है। बढ़ोतरी के बाद डीए 10800 रुपये हो जाएगा, यानी कुल 28800 रुपये मासिक। इसी तरह मध्यम स्तर के अधिकारी को भी हर महीने एक से दो हजार रुपये का फायदा मिलेगा। यह बदलाव घर भाड़े भत्ते और यात्रा भत्ते पर भी पड़ेगा। एरियर्स यानी बकाया राशि भी जल्द जमा हो सकती है।
गणना का आसान फॉर्मूला
डीए की गणना उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर निर्भर करती है। पिछले आठ महीनों के औसत आंकड़ों से यह आंकड़ा तय होता है। कर्मचारी संगठनों ने लंबे समय से अधिकतम लाभ की मांग की थी। सरकार ने महंगाई के दबाव को देखते हुए इस कदम को तेज कर दिया है। इससे 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के साथ 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा पहुंचेगा।
8वें वेतन आयोग लेटेस्ट अपडेट
यह आयोग कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा साबित होगा। इसका गठन हो चुका है और प्रमुख सदस्यों की नियुक्ति पर काम चल रहा है। सातवें आयोग के बाद यह नया ढांचा लाएगा, जिसमें फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभाएगा। चर्चाओं में 2.15 से 3.5 तक के आंकड़े हैं।
अगर 2.15 लागू हुआ तो लेवल 1 की सैलरी 18000 से बढ़कर 38700 रुपये तक पहुंच सकती है। उच्च पदों पर यह इजाफा और भी ज्यादा होगा। हालांकि पूर्ण रूप से लागू होने में एक से डेढ साल लग सकते हैं। यूनियनें अधिक फिटमेंट की मांग कर रही हैं ताकि वास्तविक महंगाई कवर हो सके।
कर्मचारियों का भविष्य उज्ज्वल
यह डीए बढ़ोतरी अंतरिम राहत है, लेकिन वेतन आयोग लंबे समय का समाधान देगा। संगठनों का कहना है कि सैलरी में मौलिक बदलाव जरूरी है। सरकार पर दबाव बन रहा है। कुल मिलाकर, आने वाले महीने कर्मचारियों के लिए सकारात्मक रहेंगे। आधिकारिक घोषणा का इंतजार ही एकमात्र सलाह है।















