बिहार सरकार ने आम परिवारों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत हर घरेलू उपभोक्ता को महीने में 125 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त मिल रही है। ऊर्जा शुल्क, फिक्स्ड चार्ज और बिजली शुल्क सब माफ। राज्य के करीब डेढ़ करोड़ से ज्यादा परिवार इसकी सीधे लाभ से जुड़ चुके हैं। खास बात यह है कि योजना प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों मीटरों पर चल रही है। जुलाई 2025 से शुरू हुई यह व्यवस्था अब पूरी तरह जम गई है। लाखों घरों का बिजली खर्च लगभग खत्म हो गया।

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गणना का आसान फॉर्मूला समझें
मान लीजिए बिलिंग का समय 30 दिन का है। यहां 125 यूनिट तक कोई पैसा नहीं लगेगा। लेकिन अगर बिल 40 दिनों का आया तो फ्री यूनिट बढ़कर 167 हो जाती हैं। गणना का नियम सीधा है: 125 गुणा बिलिंग के दिन भाग दें 30 से। यानी 125 x (दिन/30)। 25 दिनों के बिल में यह 104 यूनिट रहती है। कुल खपत इससे कम हुई तो बिल जीरो। ज्यादा हुई तो बाकी यूनिट पर पुरानी दरें लागू। शहरी इलाकों में प्रति यूनिट 5 से 7 रुपये तक, ग्रामीण क्षेत्रों में इससे कम। फिक्स्ड चार्ज भी 75 प्रतिशत भार पर तय होता है। शहरी कनेक्शन पर 80 रुपये प्रति किलोवाट, ग्रामीण पर 40 रुपये।
उदाहरण लें। पटना का एक परिवार 30 दिनों में 110 यूनिट लेता है। पूरा बिल माफ। लेकिन 150 यूनिट पर 25 यूनिट के हिसाब से करीब 140 रुपये चुकाने पड़ेंगे। 40 दिनों में अगर 180 यूनिट खपत हुई तो 167 फ्री, बाकी 13 पर महज 70 रुपये। पहले यह रकम 800 रुपये तक पहुंच जाती थी। ग्रामीण परिवारों को ज्यादा फायदा क्योंकि उनकी दरें वैसे ही कम हैं।
बिल चेक करने के पांच आसान कदम
बिजली बिल आने पर घबराएं नहीं। पहले बिलिंग अवधि देखें, जो ऊपर लिखी होती है। फिर फॉर्मूला लगाकर फ्री लिमिट निकालें। कुल यूनिट घटाएं। बचा हिस्सा ही चुकाना है। स्वीकृत लोड से ज्यादा खपत पर सावधान रहें, वरना जुर्माना लग सकता है। बिजली कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से बिल डाउनलोड करें। पुराना बकाया चुकाकर योजना का पूरा लाभ लें। प्रीपेड मीटर वाले स्मार्ट तरीके से रिचार्ज करें। कई बार बैलेंस कटने की शिकायत आती है, लेकिन यह पुराने ड्यूज या एडजस्टमेंट से होता है। हेल्पलाइन पर बात करें।
योजना से कितनी बचत?
औसत परिवार को महीने में 500 से 900 रुपये की बचत हो रही। सालाना हिसाब लगाएं तो हजारों रुपये जेब में। सरकार पर भारी खर्च तो है, लेकिन सुशासन का संदेश साफ। बजट 2026 में ऊर्जा विभाग को 18 हजार करोड़ से ज्यादा दिए गए। आगे सोलर पैनल योजना से 300 यूनिट तक मुफ्त का सपना। गरीब घरों पर पैनल लगवाकर बिल और कम होगा। किसानों को भी पंप सेट कनेक्शन तेजी से मिल रहे। स्मार्ट मीटर बढ़ने से पारदर्शिता आई।
यह योजना सिर्फ बिजली नहीं, परिवारों की आर्थिक ताकत बढ़ा रही। जागरूक बनें, फॉर्मूला याद रखें। बिल खुला रखें और बचत का मजा लें। बिहार में बिजली अब सस्ती क्रांति बन चुकी।















